चतरा सांसद ने उठाया प्रस्तावित स्टील प्लांट का मामला

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दिल्ली। लोक सभा के प्रथम सत्र में ही चतरा सांसद सुनील कुमार सिंह ने नियम 377 के तहत चतरा जिलें में चतरा में प्रस्तावित स्टील प्लांट का मामला उठाया। श्री सिंह ने सदन में मामला रखते हुये बताया कि झारखंड में माननीय प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के समक्ष दिनांक 28 जून 2015 को भारत सरकार और नेषनल मिनरल डेवलमेंट काॅरपोरेषन लिमिटेड (एनएमडीसीएल) के मध्य नए इस्पात संयंत्र की स्थापना के लिए समझौता हुआ था। एनएमडीसीएल द्वारा 24 सितम्बर 2015 को ‘‘झारखण्ड कोल्हान स्टील लिमिटेड’’ (जेके स्टील लिमिटेड) नाम से सब्सिडरी कंपनी बनाई गई। एनएमडीसीएल, हैदराबाद की एक टीम चतरा में 02 दिसम्बर 2015 को सर्वे किया गया। राज्य सरकार द्वारा 06 मई 2016 को चतरा जिलें में प्लांट लगाने के प्रस्ताव को एनएमडीसी के बोर्ड को भेजा गया। एनएमडीसी बोर्ड ने 25 जुलाई 2016 को एनएमडीसी एवं मेकाॅन की उच्च स्तरीय टीम को चतरा जिलें स्थल निरीक्षण के लिए भेजा। उच्च स्तरीय टीम द्वारा चतरा के ऊँटा में स्थल निरीक्षण के दौरान माना कि स्टील प्लांट के लिए यह स्थान बेहतर और उपयुक्त हैं। प्रस्तावित स्टील प्लंाट के लिए आवष्यक 31 सौ एकड़ भूमि में से चतरा में 28 सौ एकड़ भू-खंड उपलब्ध हैं। जिसमें वृहत भेड़ बकरा प्रजनन प्रक्षेत्र का 1665 एकड़ और करीब 13 सौ एकड गैर मजरूआ एवं वन भूमि हैं। शेष अन्य भूमि हैं। यहां पर परियोजना के लिए प्रारंभिक संसाधन उपलब्ध है। बुनियादी चीजों में जमीन, पानी, कोयला, यातायात और बिजली उक्त सभी संसाधन उपलब्ध हैं।
सांसद ने बताया कि चतरा जिला प्रषासन द्वारा 11 नवम्बर 2016 को चतरा सदर प्रखण्ड के ऊँटा स्थित वृहद भेड़-बकरा प्रजनन क्षेत्र की 1523.38 एकड़ भूमि उद्योग विभाग को हस्तानांतरित करने की अनुषंसा भेजी जा चुकी हैं। इसके उपरान्त राज्य सरकार द्वारा विस्तृत रिपेार्ट केन्द्र सरकार को भेजी जा चुकी हैं। झारखण्ड के मुख्यमंत्री रघुवर दास जी द्वारा 05 दिसम्बर 2016 को चतरा में शीघ्र स्टील प्लांट लगाने के लिए कहा गया। दिनांक 27 दिसम्बर 2016 को रांची में एनएमडीसी के एक उच्च स्तरीय बैठक हुई थी।
सांसद ने कहा कि विगत तीन साल से कई बैठकें हो चुकी हैं। प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण, वस्तुस्थिति रिपोर्ट, भूमि स्थानान्तरण की प्रक्रिया, राज्य सरकार से प्रस्ताव आदि हो चुका है, परन्तु परियोजना केन्द्र सरकार के स्तर पर लंबित हैं। चतरा जिला को एक औद्योगिक शहर के रूप विकसित करने की बहुत संभावनाएं मौजूद है। इस क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों का भण्ड़ार है तथा उद्योगों की स्थापना के लिए पर्याप्त भूमि भी उपलब्ध है।
सांसद श्री सिंह ने लोक सभा में मांग की है कि भारत सरकार के खान एवं इस्पात मंत्रालय एनएमडीसीएल को चतरा में स्टील प्लांट लगाने की अधिसूचना जारी की जायें और शीघ्र तिथि निर्धारित करके प्लांट का शीलान्यास और निर्माण कार्य शुरू करवाया जाए।

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