1321 करोड़ रुपए की राजमार्ग परियोजनाओं का शिलान्यास, 18 महीने में तैयार होगा रांची-जमशेदपुर हाइवे

0 150

LOK PRAN मुख्यमंत्री रघुवर दास की अध्यक्षता में गुरुवार को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य में 1321 करोड़ की लागत से राजमार्ग परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इस मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि सड़क और पुल सिर्फ गांव से शहर को नहीं जोड़ते बल्कि दो दिलों को भी जोड़ते हैं। आज देश और राज्य में जोड़ने की ही क्रांति हो रही है। उन्होंने कहा कि सड़क आर्थिक, सामाजिक और पर्यटन स्थलों को जोड़ने का मार्ग है। आधारभूत संरचना से ही राज्य और देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हो सकती है। इसलिए देश में आज चार और छह लेन वाली सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रांची-टाटा हाइवे का काम लंबे समय से रूका हुआ था। यह हाईवे जमशेदपुर की लाइफ लाइन है। इस कारण से यहां के लोग काफी मुश्किल में थे। ठेकेदार की गलत नीतियों के कारण 50 प्रतिशत काम होने के बाद यह अधूरा पड़ा हुआ था लेकिन आज खुशी की बात है कि इस राजमार्ग के निर्माण में आ रही सभी समस्याओं को दूर कर लिया गया है और अगले अठारह महीनों में यह बनकर तैयार हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस काम के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, जहाजरानी, जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्री नितिन गडकरी को विशेष रूप से धन्यवाद दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार तेजी से राज्य भर में सड़कों का जाल बिछा रही है। केंद्र और राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार होने का फायदा लोगों को मिल रहा है, जिस कारण डबल इंजन की यह सरकार नेशनल और स्टेट हाइवे के निर्माण के लिए तेजी से काम कर रही है। अगले दो साल में यहां एयरपोर्ट का निर्माण कार्य भी पूरा हो जाएगा, जिसके बाद हवाई चप्पल पहनने वाले लोग भी हवा में या़त्रा कर सकेंगे। उन्होंने जनता को आगाह किया कि कुछ दल जाति व संप्रदाय के नाम पर लोगों को तोड़ने का काम कर रहे हैं, जिनसे बच कर रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आज देश में मजबूत सरकार होने के कारण ही भारत ने पाकिस्तान के घर में घुसकर हवाई हमला किया। देश में पहले तो आतंकियों को चिकेन और बिरयानी खिलाई जाती थी, लेकिन अब मोदी सरकार आतंकियों को बुलेट का जवाब बम से दे रही है। मुख्यमंत्री ने आम लोगों से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने देश के दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब दिया है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने संथाली भाषा की लिपि के जनक पंडित रघुनाथ मुर्मू के नाम पर चौक का नामकरण करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सिर्फ नामकरण ही नहीं कर रही बल्कि ओलचिकी लिपि को भी पहचान दिला रही है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के आदिवासियों की चिंता हमारी सरकार ने की है। अन्य ने आदिवासियों के नाम पर सिर्फ राजनीति की। संथाली को भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में जगह दिलाई। इनके लिए बजट की राशि को दोगुना किया गया। धर्मांतरण कानून को बनाया गया। इतना ही नहीं बल्कि अब राज्य में पहले से पांचवीं क्लास तक के बच्चों की पढ़ाई भी मातृभाषा में होगी। संथाल परगना के इलाकों में जहां संथाली भाषा के शिक्षक नहीं मिल रहे हैं, वहां ग्रेजुएट युवाओं को प्रति कक्षा डेढ़ सौ रूपए की दर से नियुक्त करने के आदेश दिए गए हैं। बच्चों को किताबें भी फ्री में दी जा रही हैं। संथाल परगना के सात जिलों के रेलवे स्टेशनों पर अब संथाली भाषा में भी उद्घोषणा होगी। इन सभी जिलों के उपायुक्तों को यह आदेश दिया गया है कि वे ओलचिकी लिपि में हर सरकारी कार्यालयों के नाम लिखवाएं।

Leave A Reply

Your email address will not be published.