यहां मरने के बाद शवों को नहीं दफनाते लोग, नए कपड़े पहनाकर साथ रखते हैं डेड बॉडी, इन्हीं के साथ सोते हैं

0 125

इस मुस्लिम देश की जनजाति की है खौफनाक परंपरा

इंडोनेशिया. इंडोनेशिया में एक ऐसा समाज है, जहां मरने के बाद लोगों को दफनाया नहीं जाता है। यहां लोगों की डेड बॉडी को मरने के बाद भी उनके परिजन साथ रखते हैं। दक्षिण सुलावेसी के पहाड़ों पर रहने वाले तोराजा जनजाति के लोग परिवार के किसी सदस्य की मौत के बाद शवों को अपने घर में बिल्कुल ऐसे ही रखते हैं जैसे कि वो व्यक्ति जीवित रहने पर उनके साथ रहता था। इस समाज के परपंरा के मुताबिक मृत्यु के बाद लोगों को बीमार व्यक्ति की तरह रखा जाता है, और उनकी सेवा की जाती है। इस सेवा को मुकला कहते हैं। यहां मौत के बाद रोज शवों को नहलाया जाता है। डेड बॉडी को खाना खिलाया जाता है। इतना ही नहीं, शव सड़े नहीं इसके लिए शरीर पर खास तरह का लेप लगाया जाता है। शरीर को सुरक्षित रखने के लिए फॉर्मल्डिहाइड और पानी मिलाकर नियमित रूप से डेड बॉडी पर लगाया जाता है। ऐसे में अपनी आर्थिक स्थिति के मुताबिक लोग शवों को अपने घर में रखते है। यानी जो गरीब तबके के लोग होते हैं वो जल्द ही शवों का अंतिम संस्कार कर देते हैं, क्योंकि शवों को सुरक्षित रखने में असमर्थ होते हैं। वहीं रईस परिवार महीनों और सालों तक अपनों  के पार्थिव शरीर को अपने साथ रखते हैं।

इन शवों के अंतिम संस्कार का कार्यक्रम बहुत लंबा होता है। कई दिनों तक समारोह चलता है। भैंसे की बलि दी जाती है। शवों को दफनाया नहीं जाता बल्कि उसे पहाड़ियों पर किसी गुफा के अंदर रख दिया जाता है।

ताबूत में जरुरी सामान रख दिया जाता है। इतनी ही नहीं अंतिम संस्कार के तीन साल बाद उन शवों को दोबारा से ताबूतों से निकाला जाता है। उन्हें नए पकड़े पहनाए जाते हैं।

 

Leave A Reply

Your email address will not be published.