डोभी में झोलाछाप डॉक्टर ने लिया जच्चा-बच्चा की जान

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गया: डोभी प्रखंडों में बिना किसी डिग्री के क्लिनिक चला रहे झोलाछाप चिकित्सकों पर जिला प्रशासन द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण अब तक कितने लोगों को जान गंवानी पड़ी है। अगर स्वास्थ्य विभाग ऐसे फर्जी चिकित्सकों पर कार्रवाई करें तो कई की जान बच सकती है। लेकिन ऐसा दिखता हुआ नजर नहीं आ रहा है।

पिछले कई वर्षों के दौरान झोलाछाप चिकित्सकों के द्वारा बिना किसी डिग्री के कई प्रकार का ऑपरेशन किया जाता है, जिसके बाद कई लोगों की मौत अब तक हो चुकी है। ताजा मामला शुक्रवार की देर रात्रि का है। यहां बता दें कि डोभी में जीटी रोड किनारे निजी क्लिनिक चला रहे एक झोलाछाप डॉक्टर ने गर्भवती महिला को प्रसव के लिए ऑपरेशन किया। जिसके बाद जच्चा और बच्चा दोनों की मौत हो गई है।

घटना रात्रि करीब 11 बजे की बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि रोशनगंज थाना क्षेत्र के बालासोत गांव निवासी कमलेश यादव अपनी पत्नी मुन्नी देवी को प्रसव हेतु डोभी के झोलाछाप चिकित्सक के यहां ले गए। उक्त चिकित्सक ने पहले तो नॉर्मल प्रसव कराने की बात कही। फिर कुछ देर बाद यह कहा की बच्चा बिना ऑपरेशन के नहीं हो पाएगा। जिसके बाद झोलाछाप डॉक्टर ने मुन्नी देवी का ऑपरेशन किया और एक बच्चा जन्म लिया।
बताया जा रहा है कि कुछ देर के बाद बच्चा और बच्चे की मां दोनों की मौत हो गई। जच्चा बच्चे की मौत के बाद मुन्नी देवी के परिजनों ने हंगामा करना शुरू किया। जिसके बाद झोलाछाप डॉक्टर और वहां मौजूद सभी कंपाउंडर क्लिनिक छोड़कर फरार हो गए हैं। डोभी थानाध्यक्ष राहुल कुमार ने घटना की पुष्टि किया है और बताया कि झोलाछाप डॉक्टर क्लीनिक छोड़कर फरार।

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