अमित शाह ने कहा -ईवीएम के नाम पर भ्रम फैला रहा है विपक्ष

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भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के अध्यक्ष अमित शाह ने ईवीएम को लेकर आशंकाएं जताने पर विपक्षी दलों को आड़े हाथों लिया है. अमित शाह ने बुधवार को कहा कि विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवाल केवल गफलत फैलाने की कोशिश है. उन्होंने कहा कि इससे प्रभावित हुए बिना सभी को लोकतांत्रिक संस्थानों को और मजबूत करने का प्रयास करना चाहिए.

शाह ने अपने ट्वीट में कहा कि कुछ विपक्षी दल चुनाव परिणाम अनुकूल न आने पर ‘हथियार उठाने’ और “खून की नदियां बहाने“ जैसे आपत्तिजनक बयान दे रहे हैं. विपक्ष बताए कि ऐसे हिंसात्मक और अलोकतांत्रिक बयान के द्वारा वह किसे चुनौती दे रहा है? विपक्ष पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा, ‘‘ईवीएम का विरोध देश की जनता के जनादेश का अनादर है. हार से बौखलाई यह 22 पार्टियां देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवालिया निशान उठाकर विश्व में देश और अपने लोकतंत्र की छवि को धूमिल कर रही हैं.’

फिर चुनाव जीतने पर सत्ता क्यों संभाली?
शाह का यह बयान ऐसे समय में आया है जब चुनाव के नतीजे आने से पहले ईवीएम एवं वीवीपैट के मुद्दे पर कांग्रेस, सपा, बसपा, तृणमूल कांग्रेस सहित 22 प्रमुख विपक्षी दलों के नेताओं ने मंगलवार को चुनाव आयोग का रुख किया और उससे यह आग्रह किया कि मतगणना से पहले बिना क्रम के मतदान केंद्रों पर वीवीपैट पर्चियों का मिलान किया जाए.

शाह ने कहा कि वह इन सभी पार्टियों से कुछ प्रश्न पूछना चाहते हैं. उन्होंने पूछा कि ईवीएम की विश्वसनीयता पर प्रश्न उठाने वाली इन अधिकांश विपक्षी पार्टियों ने कभी न कभी ईवीएम द्वारा चुनावों में विजय प्राप्त की है. यदि उन्हें ईवीएम पर विश्वास नहीं है तो इन दलों ने चुनाव जीतने पर सत्ता क्यों संभाली?

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर रहे सवाल
 भाजपा अध्यक्ष ने पूछा कि सुप्रीम कोर्ट ने तीन से ज्यादा जनहित याचिकाओं का संज्ञान लेने के बाद चुनावी प्रक्रिया को अंतिम स्वरूप दिया है जिसमें प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र के एक विधानसभा क्षेत्र में, किन्हीं पांच मतदान केंद्रों की वीवीपैट पर्चियों का ईवीएम के मतों से मिलान करने का आदेश है. तो क्या आप लोग सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर भी सवाल खड़ा कर रहे है? उन्होंने पूछा कि मतगणना के सिर्फ दो दिन पूर्व 22 विपक्षी दलों द्वारा चुनावी प्रक्रिया में परिवर्तन की मांग पूर्णतः असंवैधानिक है क्योंकि इस तरह का कोई भी निर्णय सभी दलों की सर्वसम्मति के बिना संभव नहीं है.

पासवान ने कहा, ये हताशा का संकेत
वहीं, केंद्रीय मंत्री और भाजपा की सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) के प्रमुख राम विलास पासवान ने विपक्ष को “हारा हुआ” बताते हुए दावा किया कि वीवीपैट को लेकर उनकी हताशा लोकसभा चुनावों में उनकी हार का संकेत है. राम विलास पासवान ने कहा, “मैं कई महीनों से कह रहा हूं कि विपक्ष जब हार की तरफ बढ़ता है तो वह ईवीएम की शिकायत शुरू कर देता है. जो लोग ईवीएम का विरोध कर रहे हैं, वह भारत को समय से पीछे ले जाना चाहते हैं जहां धन और बाहुबल से चुनावों का फैसला होता है. सुप्रीम कोर्ट पहले ही इस मुद्दे पर चार बार सुनवाई कर चुका है. वे आसन्न हार को देखते हुए मनगढ़ंत कहानियां गढ़ रहे हैं.”

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